दिल्ली के केशव पुरम में कारोबारी की सरेआम गोली मारकर हत्या

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बेखौफ अपराधी सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. ताजा मामला नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के केशवपुरम थाना इलाके में ब्रिटानिया चौक के पास का है, जहां स्कूटी सवार एक कारोबारी को बदमाशों ने मारी गोली मार दी. हमले में घायल शख्स को भगवान महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आशंका जताई जा रही है कि लूट के इरादे से कारोबारी को गोली मारी गई. इस वारदात के बाद स्थानीय कारोबारियों ने सड़क जामकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. वहीं, केशव पुरम थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

मृतक का नाम विनोद गर्ग है, जिनकी उम्र 50 साल है. वो रोहिणी के रहने वाले थे. अभी तक गोली मारने की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि लूट के इरादे से उन्हें गोली मारी गई है. जानकारी के मुताबिक 50 वर्षीय विनोद गर्ग का दिल्ली के लॉरेंस रोड पर कारोबार है. इसी एरिया में वो स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे, तभी बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी. विनोद के परिजन आशंका जता रहे हैं कि उनकी हत्या लूटपाट के लिए की गई है.

इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. साथ ही स्थानीय व्यपारियों में जबरदस्त गुस्सा है. पुलिस की कार्यशैली से नाराज़ होकर केशवपुरम अंडर पास के कारोबारियों ने सड़क जाम किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. इन कारोबारियों ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है. अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन इस तरह दिनदहाड़े कारोबारी की सड़क पर हत्या करना दिल्ली में कानून व्यवस्था की पोल खोलता है.

दरअसल, सुंदरदेव गांव के रहने वाले रामदेव की पत्नी ने शनिवार रात एक बेटी को जन्म दिया था. नवजात बेटी के हाथ व पैरों में छह-छह अंगुलियां थी. यह देख उसकी मां को किसी ने अशुभ होने का अंदेशा दिया. अंधविश्वास में डूबी मां इस कदर घबरा गई कि उसने फसल काटने में काम आने वाला हंसिया निकाला और बच्ची की एक-एक अंगुली ही काट दी.

6 घंटे में इंफेक्शन हुआ और बच्ची की मौत हो गई...

इस घटना को 6 घंटे ही बीते थे कि बच्ची के घावों पर इंफेक्शन हो गया. सोमवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया. मौत की खबर गांव में आग की तरह फैली और स्वास्थ्य प्रशासन तक जा पहुंची. खबर लगते ही बीएमओ हरकत में आ गए.

फिर गांव सुंदरदेव पहुंचकर रामदेव की पत्नी से बीएमओ ने बात की तो उसने छठी अंगुली को अशुभ बताते हुए काटना स्वीकार किया. बीएमओ ने घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए सुपरवाइजर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता व सहयोगिनी को नोटिस जारी कर दिए.

बताया जा रहा है कि खालवा ब्लाक के जिस गांव में यह घटना हुई वह इलाका आदिवासी है. यहां लोग जंगल में बसे हैं. वहां तक प्रशासन को पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वो प्रसव की घटना होने पर जननी एक्सप्रेस या 108 को सूचना नहीं दे पाते. वहीं, आदिवासी अंधविश्वास के कारण भी अस्पताल में प्रसव कराने से कतराते हैं.

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