प्रधानमंत्री ने कहा- लोकसभा में पिछली बार से 20% ज्यादा काम हुआ, मोदी है तो ये 200% होना चाहिए

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को युवा संसद फेस्टिवल 2019 के विजेताओं को सम्मानित किया। इस मौके पर मोदी ने सरकार में लोकसभा के कामकाज की उपलब्धियां गिनाईं। मोदी ने कहा, “16वीं लोकसभा में एवरेज प्रोडक्टिविटी 85 प्रतिशत रही। करीब 205 बिल पास हुए। 15वीं लोकसभा की तुलना में 16वीं लोकसभा ने 20 प्रतिशत ज्यादा काम किया। लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। अगर मोदी है तो ये 200 प्रतिशत होना चाहिए। लेकिन राज्यसभा में तपस्वी, तेजस्वी, वयोवृद्ध लोगों के होने के बावजूद वहां की प्रोडक्टिविटी सिर्फ 8% रही है।

युवाओं से मिलकर मैं ऊर्जा महसूस करता हूं
युवाओं की ऊर्जा पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि मेरे सामने न्यू इंडिया की नई तस्वीर है। आप जैसे ऊर्जावान लोगों से मिलता हूं तो मैं भी ऊर्जा का अनुभव करता हूं। आपने यहां दो दिन चर्चा की, संवाद की यही प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करती है।

युवा संसद में हिस्सा लेकर सिलेबस से बाहर सोचते हैं युवा
''राष्ट्रीय युवा संसद के जरिए आप लोगों को राजनीति से जोड़ा जा रहा है। अच्छा होगा कि आप लोग इस कार्यक्रम की रचना, इसमें क्या कमी रही, विषय क्या हो सकते थे, इसके लिए सुझाव दें। इसके बाद यह एक तरह से इंस्टीट्यूशन बन जाएगा। अगर कोई पार्लियामेंट जाएगा तो यूथ पार्लियामेंट से होकर जाएगा। वो अपनी प्रोफाइल में इसका जिक्र करेगा। इसमें भाग लेने से आप सिलेबस से बाहर कुछ सोचते हैं। सिलेबस में बंधे रहने वाले उससे बाहर नहीं आ पाते हैं। आप मेरा भी अवलोकन करते होंगे। आप परोसी हुई चीजें न लेकर मेरे बारे में कुछ खोजते होंगे।''

सार्वजिनक मुद्दों में युवाओं की रुचि बढ़ाने का आयोजन
खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इसी साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव की शुरुआत की थी। सरकार ने इसके जरिए 18 से 25 साल के युवाओं को सार्वजनिक मुद्दों के साथ जुड़ने और आम आदमी के विचार समझने के लिये प्रेरित करने का लक्ष्य रखा है। खेल मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने तीन दिसंबर 2017 को ‘मन की बात’ में युवाओं के लिये देश के प्रत्येक जिले में युवा संसद आयोजित करने की बात साझा की थी।

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 2019 का आयोजन संयुक्त रूप से राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा खेल मंत्रालय के अंतर्गत किया जा रहा है। इसमें 18 से 25 साल के युवाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के युवा संसदों में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया गया था। राष्ट्रीय युवा संसद के तीन सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा क्रमश: दो लाख, डेढ़ लाख और एक लाख रूपये के पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र से नवाजा गया। बाकी 53 वक्ताओं को भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया गया।

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान सीमा में घुसकर बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प तबाह कर दिए। इस हमले में 350 से ज्यादा आतंकी मारे गए। 200 घंटे तक योजना बनाने के बाद वायुसेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। विमानों के उड़ान भरने से लेकर उनके सुरक्षित लौटने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार इस ऑपरेशन पर अपनी नजर बनाए रखी। उन्होंने सुबह 4.30 बजे ऑपरेशन में शामिल पायलट्स को बधाई दी। इसके बाद वे अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गए। उन्होंने सुबह 10 बजे केबिनेट की बैठक ली।

बालाकोट एजेंसियों के राडार पर था
सूत्रों ने बताया कि सरकार को पुलवामा हमले (14 फरवरी) के दो दिन बाद ही इंटेलिजेंस एजेंसियों से यह सूचना मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद, देश में ऐसा ही एक दूसरा हमला करने की योजना बना रहा है। इसके बाद से ही बालाकोट, एजेंसियों के राडार पर था, क्योंकि इसे जैश का गढ़ माना जाता है। एजेंसियों को पूरा भरोसा था कि पुलवामा हमले की योजना बालाकोट में ही बनी थी। इस कैंम्प को जैश प्रमुख मसूद अजहर और उसका साला युसूफ अजहर लीड करता था।

बदला लेने का एकमात्र जरिया थी एयर स्ट्राइक
हमले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाईप्रोफाइल मीटिंग हुई थी। इसमें गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सुरक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, अजीत डाेभाल, एयर चीफ मार्शल बीरेंदर सिंह धनोआ मौजूद थे। इसमें तय किया गया कि सुरक्षा बलों के जवानों की मौत का बदला लेने का एकमात्र जरिया एयर स्ट्राइक ही है। इसी के जरिए जैश-ए-मोहम्मद के कैम्पों को नष्ट किया जा सकता है।

Comments